मॉनिटर और लैपटॉप की ऊंचाई और दूरी कैसे सेट करें
मॉनिटर 50–100 सेमी — मोटे तौर पर एक हाथ की दूरी — पर रखें, और स्क्रीन की सबसे ऊपरी लाइन आंखों की ऊंचाई पर या थोड़ा नीचे हो, ताकि स्क्रीन का बीच नज़र की सीध से 15–20° नीचे रहे। लैपटॉप नीचा होता है और नीचे देखने पर मजबूर करता है, इसलिए उसे स्टैंड से ऊंचा करें और अलग कीबोर्ड इस्तेमाल करें।
आंकड़े
अमेरिका की व्यावसायिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य संस्था (OSHA) मॉनिटर को ठीक सामने, कम से कम 50 सेमी, और बेहतर हो तो 50–100 सेमी दूर रखने की सलाह देती है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ़ ऑप्थैल्मोलॉजी (AAO) लगभग 63 सेमी (25 इंच), यानी मोटे तौर पर एक हाथ की दूरी सुझाती है।
मॉनिटर कैसे सेट करें
- ठीक सामने: मॉनिटर सीधे सामने रखें ताकि शरीर घुमाना न पड़े।
- दूरी: पीछे टिककर हाथ सीधा करने पर उंगलियों के सिरे स्क्रीन को छुएं, वहीं से शुरू करें।
- ऊंचाई: स्क्रीन की सबसे ऊपरी लाइन आंखों की ऊंचाई पर या थोड़ा नीचे। बहुत ऊंचा हो तो सिर उठाना पड़ता है, बहुत नीचा हो तो झुकाना।
- अक्षरों का आकार: इस दूरी पर अक्षर छोटे लगें, तो मॉनिटर पास खींचने के बजाय स्केलिंग बढ़ाएं।
- चमक कम करें: खिड़की के ठीक सामने या उसकी ओर पीठ करके न बैठें; ब्राइटनेस और कंट्रास्ट कमरे के हिसाब से रखें।
लैपटॉप के लिए
लैपटॉप की स्क्रीन कीबोर्ड से जुड़ी होती है, इसलिए नीची रहती है। घंटों नीचे देखने से गर्दन पर भार पड़ता है — कितना, यह टेक नेक में है।
- लैपटॉप स्टैंड से स्क्रीन को आंखों की ऊंचाई की ओर उठाएं।
- अलग कीबोर्ड और माउस इस्तेमाल करें ताकि हाथ आराम में रहें और स्क्रीन ऊंची।
- लंबे समय के काम के लिए बाहरी मॉनिटर लगाएं।
फ़ोन के लिए भी यही बात
मेज़ कितनी भी अच्छी सेट हो, अगर आप सिर झुकाकर फ़ोन चेहरे से सटाकर देखते हैं तो फ़ायदा नहीं। फ़ोन 33–50 सेमी दूर रखें और आंखों की ऊंचाई की ओर उठाएं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मॉनिटर आंखों से कितनी दूर होना चाहिए?
OSHA कम से कम 50 सेमी, बेहतर हो तो 50–100 सेमी की सलाह देती है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ़ ऑप्थैल्मोलॉजी लगभग 63 सेमी, यानी मोटे तौर पर एक हाथ की दूरी सुझाती है।
मॉनिटर कितनी ऊंचाई पर होना चाहिए?
स्क्रीन की सबसे ऊपरी लाइन आंखों की ऊंचाई पर या थोड़ा नीचे, और बीच का हिस्सा नज़र की सीध से लगभग 15–20° नीचे।
स्रोत
यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी है, यह जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। अगर आंखों की परेशानी बनी रहे, तो नेत्र चिकित्सक से मिलें।




