बच्चों की आंखों की जांच कब कराएं?
अमेरिकन एकेडमी ऑफ़ ऑप्थैल्मोलॉजी जन्म के समय, 6–12 महीने पर, 1–3 साल के बीच और 3–5 साल के बीच आंखों की जांच, और 5 साल तक औपचारिक विज़न टेस्ट की सलाह देती है। उसके बाद हर 1–2 साल में स्कूल या नियमित जांच में नज़र जंचवाएं।
उम्र के हिसाब से आंखों की जांच
| उम्र | क्या जांचा जाता है |
|---|---|
| नवजात | आंख की बनावट (जैसे मोतियाबिंद, कॉर्निया का धुंधलापन, पलक झुकना) |
| 6–12 महीने | नियमित जांच में आंखों की सेहत |
| 1–3 साल | आंखों का स्वस्थ विकास |
| 3–5 साल | नज़र और आंखों की सीध — 5 साल तक औपचारिक विज़न टेस्ट |
| 5 साल के बाद | हर 1–2 साल में स्कूल या बाल रोग विशेषज्ञ के पास |
यह क्रम अमेरिकन एकेडमी ऑफ़ ऑप्थैल्मोलॉजी (AAO) की सलाह पर आधारित है। समस्या जितनी जल्दी पकड़ी जाए, पढ़ाई और विकास पर असर पड़ने से पहले इलाज की संभावना उतनी ज़्यादा होती है।
जांच कौन करता है?
ज़्यादातर शुरुआती जांचें बाल रोग विशेषज्ञ या फ़ैमिली डॉक्टर के नियमित चेकअप में होती हैं। अगर कुछ संदिग्ध लगे — या बच्चे में लक्षण हों — तो पूरी जांच के लिए नेत्र चिकित्सक के पास भेजा जाता है। अपने देश के बाल स्वास्थ्य जांच कार्यक्रम को भी देखें।
कब पहले जाएं
- दूर देखते समय आंखें सिकोड़ता है।
- टीवी, किताबें या फ़ोन चेहरे के पास रखता है।
- बार-बार आंखें मलता या झपकाता है।
- आंखें अलग-अलग दिशा में देखती लगती हैं।
ज़्यादा जानकारी के लिए बच्चे में मायोपिया के 5 संकेत देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बच्चों की आंखों की जांच कब करानी चाहिए?
अमेरिकन एकेडमी ऑफ़ ऑप्थैल्मोलॉजी जन्म पर, 6–12 महीने, 1–3 साल और 3–5 साल के बीच जांच, 5 साल तक औपचारिक विज़न टेस्ट, और फिर हर 1–2 साल में जांच की सलाह देती है।
बच्चों की आंखें कौन जांचता है?
आम तौर पर नियमित चेकअप में बाल रोग विशेषज्ञ या फ़ैमिली डॉक्टर। कुछ गड़बड़ हो तो वे पूरी जांच के लिए नेत्र चिकित्सक के पास भेजते हैं।
स्रोत
यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी है, यह जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। अगर आंखों की परेशानी बनी रहे, तो नेत्र चिकित्सक से मिलें।





